कागजों मे 15 गावों मे जल जीवन मिशन पूर्ण कुछ दिन पूर्व कलेक्टर ने किया था औचक निरिक्षण. दिए थे आवश्यक दिशा निर्देश, क्या अधिकारी कर्मचारी ने

रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी की बात करे तो कागजों में जहां लगभग 15 गांवों को योजना के तहत “पूर्ण” दिखाया गया है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। कई गांवों में नल तो लग गए हैं, लेकिन उनमें पानी की एक बूंद तक नहीं आ रही। नलों पर जमी धूल और सूखे पड़े पाइप इस बात की गवाही दे रहे हैं कि योजना केवल दस्तावेजों में पूरी हुई है, धरातल पर नहीं।

ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाई गई, टंकी भी खड़ी कर दी गई, लेकिन नियमित जल आपूर्ति आज तक शुरू नहीं हो पाई। कुछ स्थानों पर मोटर खराब है तो कहीं बिजली कनेक्शन की समस्या बताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पानी ही नहीं पहुंच रहा, तो योजना को पूर्ण कैसे घोषित कर दिया गया?

गौरतलब है कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट का स्थायी समाधान हो सके। लेकिन तमनार विकासखंड की स्थिति यह दर्शाती है कि जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की निगरानी और जवाबदेही में गंभीर कमी है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना नियमित जल सप्लाई सुनिश्चित किए ही कार्य पूर्णता का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो योजना की मंशा और वास्तविक लाभ दोनों पर प्रश्नचिह्न लगना तय है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगा? क्या दोषी अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा?

तमनार के ग्रामीणों की मांग है कि उच्च स्तरीय जांच कर वास्तविक जल आपूर्ति शुरू कराई जाए, ताकि उन्हें भी केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का वास्तविक लाभ मिल सके।सवाल यह भी खड़ा होता है की क्या अधिकारी कर्मचारी सबधित ठेकेदार के मिलकर केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पलीता लगाने में पीछे नहीं हो रहे हैं और केन्द्र सरकार की लाखों करोड़ों रुपए का चपत अलग लगा रहे

कुछ दिन पहले कलेक्टर ने किया था दौरा दिए थे दिशा निर्देश : आपको बताना लाजिमी होगा कि कुछ दिन पहले कलेक्टर ने जिले के तमनार विकासखंड में जल जीवन मिशन के लिए औचक निरीक्षण किया था  इसके अलावा जिले के कई विकास खंडो में जल जीवन मिशन को लेकर दौरा किए थे और जरूरी दिशा निर्देश देते हुए जल जीवन मिशन में किसी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी और साथी समय रहते बिना लहरवाही पूर्ण करने की बात भी कही कही गईं थी

वही सूत्रों से जानकारी की बात माने तो ग्रामीणों का कहना है कि हम 15गांव के लोग आपस में बिचार विमर्श करेंगे जल जीवन मिशन के मामले को लेकर जनदर्शन में इसकी शिकायत करेंगे और जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों एवं ठेकेदार के ऊपर करवाई की मांग करेंगे

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